अभिनव मनुशय
I. एक वाक्य मे उत्तर लिखए:
1.आज की
दुनिया कैसी है?
आज
की
दुनिया
विचित्र ओर नवीन है।
2.मानव के
हुक्म पर क्या चढ़ता
और
उतरता
है?
मानव
के हुक्म
पर
पवन
का
ताप
चढ़ता
और
उतरता
है।
3.परमाणु किसे
देखकर
कापते
है?
परमाणु
मनुशय
के
करो
को
देखकर
कापते है।
4अभिनव मनुशय
कविता
के
कवि
का
नाम
लिखए।
अभिनव
मनुशय
कविता
के
कवि
का
नाम
रामधारीसिंह दिनकर
है।
5.आधुनिक पु्रुष
ने
किस
पर
विजय
पायी
है?
आधुनिक
पु्रुष
ने
प्रकृ्ति
पर
विजय
पायी
है।
6.नर किन-किनको
एक
समान
लाघु
सकता
है?
नर
नदी, गिर और सागर
को
एक
समान
लाघु
सकता
है।
7.आज मनुज
का
यान
कहा
जा
रहा
है?
आज
मनुज
का
यान
गगन
मे
जा
रहा
है।
II. दो-तीन वाक्यो मे उत्तर लिखए :
1.प्रकृति पर
स्र्वर्ता
है
विजयी
पुरुष
आसीन’ इस पंक्ति का आशय
समझाइए
।
प्रकृति पर सर्वर्ता है विजयी
पुरुष
आसीन’ इस पंक्ति का
आशय
हैकि
आज
मनु्शय
या
पु्रुष
प्र्क्रुति
पर
विजय
पाया
है।
प्रकृ्ति
के संपति
को
अपने
वश
मे
कर
लिया
है।
प्रकृति
मे
पानी, पवन, विद्युत सब
पर
मनु्शय
ने
अपना
अिधकार स्थापित किया
है।
2.दिनकरजी
के
अनुसार
मानव
का
सही
परिचय
क्या
है?
जो
मनुशय
सभी
मा्नवो
से
स्नेह
का
बाध
बाधता
है
वही
मानव
कहलाता
है
।
जो
मानव
दूसरे
मानव
से
प्रेम
का
रिश्ता
जोडकर
आपसकी
दूरी को
मिटाता
है
वही
सही
मानव
है।
3.इस किवता
का
दूसरा
कौन-सा
शीषᵡक
हो
सकता
है? क्यो
कवि ने ‘अभिनव मनुशय’ सार्तक शीर्शिक दिये
है।
अगर
दूसरा
शीषक
दे
सकते
है
तो
प्रकृति
और
मानव, मानव-प्रेम का
मानव
की
सिद्दि
सकते
है।
क्योकि
प्रकृति
पर
विजय
प्राप्त
करना
मनुशय
की
साधना
है
मानव-मानव
के
बीच
स्नेह
का
बाध
बाधना
मानव
की
सिद्दी है।
IV. उदाहरण के अनुसार तुकांत शब्दो को पहचानकर लिखए:
उदा- नवीन – आसीन
1. भाप – ताप
2. व्यवधान – विधान
3. श्रुंगार – आगार
4श्रेय – श्रेय
5. जीत – प्रीत
V. पंक्तियो का पूर्ण कीजिए:
आज की दिनया विचित्र नवीन
प्रकृ्ति
पर
सर्व्र्ता
है
विजयी
पु्रुष
आसीन
।
है
बंधे
नर
के
करो
मे
वारि, विध्युत , भाप,
हुक्म पर
चढ़ता-उतरता
है
पवन
का
ताप
।
VI. पर्यायवाची शब्द लिखए:
1. दुनिया– जग , विश्वा
2. विचित्र – अनोखा , निराला
3. नवीन – नया , नूतन
4. नर – पु्रुष , आदमी
5. वारी – जल, पानी
।
6. कर – हाथ ,हस्त
7. आगार – मकान , भंडार
VII. विलोम शब्द लिखए:
1. आज
× कल
2. नवीन ×प्राचीन
3. पुरुष × स्त्री
4. नर × नारी
5. चढ़ता × उतरता
6. समान × आसमान
7आना --जाना
8. जीत × हार
9. असीमित × सीमित
10. तोड़ × जोड
VIII. एक शब्द लिखए:
जैसे : सभी जगहो मे – सर्वता
1. आसन पर
बैठा
हआु
– आसीन
2. बचा
हआु
– शेष ……..
3. मनु
का
संतान
– मनुज
4. विशेशण – …विशेश…………
5. अधिक
विध्यापारंगत – …विध्वान………..
IX. अनु्रूपशब्द लिखए :
1. गिर : पहाड :: वारि : जल
2.पवन
: वायु :: समुद्रं: सागर
3.जमीन
: आसमान :: आकाश : … पाताल
4.नर : आदमी :: उर : छाती …
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