मेरा बचपन
I. एक क्या मे उत्तर लिखए:
1.अब्दुल कलामजी का
जन्म कहाᵣ
हआु
?
अब्दुलकलामजी का
जन्म
मद्रास
रज्य के
रामेशवर मे हआु ।
2.अब्दुलुकलामजी बचपन
मे
किस
घर
मे रहते
थे?
अब्दुलुकलामजी बचपन
मे
अपने
पुशतैनी
घर
मे रहते
थे।
3.अब्दुलुकलामजी के
बचपन
मे
दुर्लब वस्तु क्या थी?
अब्दुलुकलामजी के
बचपन
मे
पुस्त्क दुर्लब वस्तु थी।
4.जैनुलाबदीन ने
कौनसा
काम
शुरु
किया?
जैनुलाबदीन
ने
लकडी
की
नौकाएँ
बनाने
का
काम
शुरु किया।
5.अब्दुलुकलामजी के
चचेरे
भाई
कौन
थे?
अब्दुलुकलामजी के
चचेरे
भाई
शंशुद्दीन
थे।
II. दो-तीन वाक्य मे उत्तर लिखए:
1.अब्दुलुकलाम का
बचपन
बहतु
ही
निशचिंतता और सादगी
मे बीतने
के
कारण लिखए।
अब्दुलुकलाम के
घर
आडबंर
के
लिए
कोई स्थान
नहीं
था
।
अनावश्यक
या
ऐशो
आराम
वाली
चीस से
सच मुच वे
दूर
रहते
थे।
घर
मे आवश्यक
चीजᵪ
समुचित
मात्र
मे सुलभता से
उप्लब्द थी।
2.आशियम्माजी अब्दुलुकलाम को
खाने
मे क्या क्या देती
थी?
आशियम्मजी
अब्दुलुकलाम को
खाने
मे चावल
एवं
स्वादिश्ट सांबार देतीं । साथ मे घर का
बना
अचार
और
नारियल
की
ताजी
चटनी भी
देती
थी।
3.जैनुलाबदीन नमाज के बारे मे क्या कहते थे?
जैनुलाबदीन नमाज के बारे मे कहते थे, जब तुम नमाज पढ़ते हो तो तुम अपने शरीर मे इतर ब्रम्हाड एक हिस्सा बन जाते हो, जिस
मे दौलत, आयु, जा्ति या धर्म पथं का कोई भेदभाव नहीं होता।
4.जैनुलाबदीन ने कौनसा काम शुरु किया?
जैनुलाबदीन ने लकडी की नौकाएँ बनाने का काम शुरु किया । ये नौकाएँ तीर्तयार्थियो को रामे्श्वरम से धनुषको्टी तक लाने ले जाने का काम आती थीं।
III. चार या पाच वाक्य मे उत्तर लिखिये:
1.शंशुद्दीन अखबारके वितरण का कार्य कैसे करते थे?
शंशुद्दीन
रामेशवरम मे अखबार के एकमात्रा वितरक थे। अखबार रामे्शवरम् टेशन पर सुबह की ट्रेन से पहँचु ते थे। इस अखबार
एजेन्सी
को अकेले शंशुद्दीन ही चलाते थे। रामेशवरम् मे अखबार की जुमला एक हजार पत्रिका बिकति थी।
IV. इन महावरो पर द्यान द्जिए :
1. पौ फटना = प्रभात होना
2. काम आना = काम् मे आना, इस्तमाल होना
V. अन्य वचन रूप लिखए:
1. बच्चा – बच्चे
2. गा ली – गालिया
3. के ला – के ले
4. नौका – नौकाएँ
5. पत्रिका – पत्रिकाए
6. पुस्तकᵪ – पुस्तक
VI. विलोम शब्द लिखए:
1. बहतु × कम
2. शाम × सुबह
3. सफल × असफल
4. अ्च्चा × बुरा
5. बडा × छोटा
6. अपना × पराया
VII. जोडकर लिखए:
अ |
आ |
|
|
|
|
|
|
VIII. रिक्त
स्थान भरीये:-
1आशियम्मा उनकी आदशᵡ संगिनी
थीं।
2रामेशवरम प्रसिद्द तीर्थस्तल
है
3. पुजारी पक्श्वी
लक्श्मण मेरे पिताजी के अभिमान
थे।
4. अखबार ऎजेन्सी को अके ले शंशुद्दीन. ही चलते थे।
5. अहमद जलालुद्दीन
की जोहरा …. के साथ शादी हो गई।
IX. अनुरूपता :
1.गᵣधीजी: राᶲरिपता :: अᴜदुल कलामः…………..
उᳶर:राᶲरपित
प्रᴯ
2.जलालुᴷीन : जीजा :: शमसुᴷीन : ……………..
उᳶर:चचरे भाई ।
3.ट्रेन
: भू-याᶌा
:: नौका : ……………….
उᳶर:जल-याᶌा
4.िहᴘदू
: मिᴘदर
:: इᴨलाम :…………….
उᳶर:मिᴨजद्
X. सही शᴜद से खाली ᴨथान भिरए:
1.अᴜदलुकलाम का
जᴘम
………. मᵪ हआु ।
अ. चेᵶै
आ. बᵪगलूर
इ. रामेᳺरम्
ई. श्रीरगं म्।
उᳶर:
इ. रामेᳺरम्
2.रामेᳺरम् मᵪ प्रितिᶘत
………. मंिदर है।
अ. िवᴧणु
आ. अᴟयᴚपा
इ. हनुमान
ई. िशव
उᳶर:
ई. िशव
3.जैनुलाबदीन
की
िदनचयᵥ
………. के पहले
शुᴁ
होती
थी।
अ. पौ फटने
आ. सूयᵥᴨत
इ. दोपहर
ई. शाम
उᳶर:
अ. पौ फटने
4.अहमद जलालुᴷीन
अᴜदुल
कलाम
को. कहकर पुकारा करते
थे।
अ. अᴜदलु
आ. आजाद
इ. राᶲरवादी
ई. कलाम
उᳶर:आ. आजाद
XI. वाᴆयॲ मᵪ प्रयोग कीिजए:
जीवन
संिगनी, पुᴦतैनी, प्रिसᴸ, िदनचयᵥ, संतुिᶘ
उᳶर:
1. जीवन
संिगनी- श्रीराम की जीवन
संिगनी
का
नाम
सीता
था।
2. पुᴦतैनी- गᵣव मᵪ हमारा पुᴦतैनी
मकान
है।
3. प्रिसᴸ- लाल िकला
प्रिसᴸ
िकला
है।
4. िदनचयᵥ- मᵭ अपनी िदनचयᵥ
भगवान
का
नाम
| लेकर शुᴀ
करता
हूँ।
5. संतुिᶘ- जीवन मᵪ
संतुिᶘ
आवᴦयक
है।
XII. पयᵥयवाची शᴜद िलिखए:
घर, बुिनयाद, शाम, शरीर, दोᴨत
उᳶर:
घर
– गृह, मकानबुिनयाद – नींव
शाम
– सायकं ाल
शरीर
– काया, तनु
दोᴨत
– िमᶌ, सखा
I. उदाहरण के अनुसार प्रेरणाथᵡक िक् रया शᴜदॲ को िलिखए:
पढ़ना
– पढ़ाना
उᳶर:
1. देखना
– िदखाना
2. सुनना – सुनाना
3. करनᵤ – कराना
4. जगना – जगाना
5. भेजना – िभजवाना
6. चलना – चलाना
7. बैठना – िबठाना
8. रोना – ᴀलाना
9. धोना – धुलाना
10. देना – िदलाना
II. उदाहरण के अनुसार प्रेरणाथᵡक शᴜदॲ की सहायता से पᵣच वाᴆय बनाइए:
उदा- अᴗयापक कहानी
सुनाते
हᵭ।
उᳶर:
1. मोहन
जलेबी
िखलाता
है।
2. मᵣ बᴊचे को
सुलाती
है।
3. दादजी कहानी
सुनाते
हᵭ।
4. भैया दकुान
से
सामान
लाता
है।
5. सᴜजीवाला सᴜजी
बेचता
है
।
My Child
Hood Summary in English
This lesson is an autobiography of Dr. A.P.J.
Abdul Kalama. Through this lesson the writer has
given inspiration to children about simplicity, spirituality, tolerance, unity
and reading habits
and its benefits.
Dr. Kalama was born in a middle-class family in Rameshwaram present Tamil Nadu.
Father
Jainulabadeen for not educated formally but he had wisdom and was very liberal.
Mother
Ashiamma, theirs was a model family.
Kalam was one of several children. Kalam was
medium built. This house was situated in Masjid
road. Father was leading a simple life, he was against vanity but all the
facilities were available
in their house. Kalam had a simple but comfortable childhood.
Kalam’s mother served kalam simple but tasty nutritious food. He lived very
near to the
famous Shiva temple of Rameshwaram. The area in which he lived was dominated by
the
muslim population but Hindu’s and muslims lived together happily. Kalam’s
father used to take
kalam to the nearly masjid for evening prayers.
The chief priest of Rameshwaram temple pakshi Lakshmana Shastry and Kalam’s
father were
close friends. Both discussed about spirituality .
Kalam’s father used to wake up before sunrise perform Namaj and go to thier
coconut garden.
He used to bring coconuts and then took his breakfast.
Kalam believed in the power of unknown God. He believed that an unseen power is
protecting
all of us from diÞculty and agony and directs to the right path.
Kalam’s father started manufacturing wooden boats, when Kalam was Õrst six
years old. There
boats were used to ferry pilgirms from and to Rameshwaram and Dhanush Kodi.
Kalam’s elder sister Johara’s marriage was performed with Jalaluddin who was a
partner in
building wooden boats with Kalam’s father. One day the sea became very rough
due to strong
winds and the boats of Kalam’s father were washed away in to the sea. Pamban
bridge also
breached causing train accident packed with passengers. Kalam had seen the
damage of the
sea and now he experienced the rough face of the sea also.
Though Jalalluddin was elder to Kalam by 15 years, he was very intimate with
Kalam and used
to call ‘Azad’ aàectimately.
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